जब दोनों अलग शहरों में हों

उस साल के लिए जब राखी कोरियर से जाती है और बाक़ी काम फ़ोन को करना पड़ता है। ये दूरी को छुपाते नहीं, कह देते हैं।

25 संदेश

  1. घर से निकलते वक़्त तुम दरवाज़े पर खड़ी थीं। वो तस्वीर आज तक नहीं गई। रक्षाबंधन मुबारक, दीदी।

  2. दुनिया में सब बदल सकते हैं। एक भाई नहीं बदलता।

  3. भाई की कलाई पे मेरा ही एहसास है, दूर हूँ मगर दुआ हर साँस के पास है।

  4. कलाई पे धागा, आँखों में पानी, ये त्योहार है या पूरी कहानी।

  5. साल भर की शिकायतें एक तरफ़, राखी का एक दिन दूसरी तरफ़। जीत हमेशा राखी की होती है।

  6. दूरी सिर्फ़ नक़्शे पर है। ज़रूरत पड़ी तो रास्ता अपने आप छोटा हो जाएगा।

  7. इस बार भी राखी कूरियर से आई। दुआ सीधे पहुँची।

  8. अलग शहर, वही धागा। रक्षाबंधन मुबारक।

  9. वीडियो कॉल पर कलाई आगे कर देना। बाँधना मैं सीख लूँगी।

  10. जिस दिन घर आऊँगा, पहली मिठाई तुम्हारे नाम की होगी।

  11. You were standing at the door the day I left home. I still see it.

  12. Different cities, same thread. Happy Raksha Bandhan.

  13. The distance is only on a map. If you need me, it shortens quickly.

  14. The rakhi came by courier again. The prayer came straight through.

  15. Hold your wrist up to the camera. I will manage the rest.

  16. Doori sirf map pe hai. Zaroorat padi toh raasta apne aap chhota ho jayega.

  17. Alag sheher, wahi dhaaga. Happy Raksha Bandhan.

  18. Rishte khoon se nahi, waqt se bante hain, jo waqt pe khada ho, wahi bhai kehlata hai.

  19. Bhai ki jeb halki, behen ka dil bhaari, neg baad mein bhi chalega, par chalega zaroori.

  20. तू कधी सांगत नाहीस की त्रास होतोय. मला तरी कळतंच.

  21. बहिणीची सोबत म्हणजे प्रत्येक ऋतूत मिळणारी सावली.

  22. अंतर फक्त नकाशावर आहे. गरज पडली तर रस्ता आपोआप छोटा होतो.

  23. यावर्षीही राखी कुरिअरने आली. प्रार्थना थेट पोहोचली.

  24. वेगळं शहर, तोच धागा. रक्षाबंधनाच्या शुभेच्छा.

  25. व्हिडिओ कॉलवर हात पुढे कर. बांधायचं मी बघते.

आम सवाल

भाई दूसरे शहर में हो तो क्या लिखें?
दूरी को घुमाकर मत लिखिए, सीधे कह दीजिए। कोरियर, ख़ाली कुर्सी, अजीब वक़्त पर आया फ़ोन — ये ब्योरे सच्चे लगते हैं, जबकि सब साथ होने का दिखावा खोखला लगता है।
विदेश में रक्षाबंधन कैसे मनाएँ?
ज़्यादातर घर राखी पहले भेज देते हैं और तिथि की सुबह के लिए फ़ोन रख लेते हैं। कई लोग उसी दिन ख़ुद बाँध लेते हैं और दूसरा वीडियो पर रहता है — यह आम है।
क्या वीडियो कॉल पर राखी बाँधी जा सकती है?
अब घर-घर में यही होता है। परंपरा धागा और भाव तिथि के भीतर माँगती है; दोनों का एक ही कमरे में होना उसमें कहीं ज़रूरी नहीं है।

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